BPSC (Bihar) - MCQ Practice Questions
BPSC candidates face a paper that mixes standard general studies with a substantial Bihar component. Practice here covers Bihar history and geography, Indian polity, economy, general science, and current affairs, with the state material treated as its own subject rather than an afterthought. Explanations give enough background that the same fact is usable in a mains answer, not only in a prelims option.
556 questions | 100% Free
निम्नलिखित में से कौन सा शब्द तत्सम है?
कर्ण संस्कृत से आया शब्द है (तत्सम), जबकि कान तद्भव शब्द है। तत्सम वे शब्द हैं जो संस्कृत से ज्यों-का-त्यों आए हैं।
निम्नलिखित में से कौन सा शब्द 'तद्भव' है?
Understanding:
हमें यह पहचानना है कि दिए गए विकल्पों में से कौन सा शब्द 'तद्भव' है।
Step 1: परिभाषा
तद्भव शब्द वे होते हैं जो संस्कृत से विकृत होकर हिंदी में आए हैं। ये शब्द मूलतः संस्कृत के हैं, लेकिन उनका रूप बदल गया है।
Step 2: विकल्पों का विश्लेषण
Step 3: निष्कर्ष
'आग' शब्द संस्कृत के 'अग्नि' से तद्भव रूप में विकसित हुआ है।
Answer:
'आग' तद्भव शब्द है जो संस्कृत के 'अग्नि' से बना है।
Quick Tip:
तद्भव शब्दों में ध्वनि-परिवर्तन होता है — जैसे 'अग्नि' → 'आग', 'दुग्ध' → 'दूध', 'कर्म' → 'काम'।
हिंदी में 'महाप्राण व्यंजन' का उदाहरण कौन सा है?
Understanding:
हमें यह पहचानना है कि दिए गए विकल्पों में कौन सा व्यंजन 'महाप्राण' है।
Step 1: परिभाषा
महाप्राण व्यंजन वे होते हैं जिनके उच्चारण में अधिक वायु का प्रयोग होता है। प्रत्येक वर्ग के दूसरे और चौथे व्यंजन महाप्राण होते हैं।
Step 2: विकल्पों का विश्लेषण
Step 3: निष्कर्ष
'घ' महाप्राण व्यंजन है क्योंकि इसका उच्चारण करते समय मुख से अधिक वायु निकलती है।
Answer:
'घ' महाप्राण व्यंजन है।
Quick Tip:
प्रत्येक वर्ग का दूसरा (ख, छ, ठ, थ, फ) और चौथा (घ, झ, ढ, ध, भ) व्यंजन महाप्राण होता है।
निम्नलिखित में से कौन सा शब्द स्त्रीलिंग है?
Understanding:
हमें यह पहचानना है कि दिए गए शब्दों में कौन सा स्त्रीलिंग है।
Step 1: प्रत्येक शब्द का लिंग-विश्लेषण
Step 2: निष्कर्ष
'लहर' शब्द स्त्रीलिंग है। इसे विशेषण 'ऊँची' लगाकर परखा जा सकता है — 'ऊँची लहर' सही है, न कि 'ऊँचा लहर'।
Answer:
'लहर' स्त्रीलिंग शब्द है।
Quick Tip:
शब्द का लिंग जानने के लिए उसके साथ 'अच्छा/अच्छी' या 'यह/यही' जोड़कर वाक्य बनाएँ — इससे लिंग स्पष्ट हो जाता है।
निम्नलिखित में से किस वाक्य में 'करण कारक' का सही प्रयोग हुआ है?
Understanding:
हमें वह वाक्य पहचानना है जिसमें 'करण कारक' का प्रयोग हो।
Step 1: करण कारक की परिभाषा
करण कारक वह कारक है जो क्रिया के साधन (माध्यम/उपकरण) को दर्शाता है। इसकी विभक्ति 'से' (साधन के अर्थ में) होती है।
Step 2: विकल्पों का विश्लेषण
Step 3: निष्कर्ष
'मोहन कलम से लिखता है' में 'कलम' लिखने का साधन है, अतः यहाँ करण कारक है।
Answer:
'मोहन कलम से लिखता है' में करण कारक का प्रयोग हुआ है।
Quick Tip:
करण कारक पहचानने के लिए प्रश्न पूछें — 'किसके द्वारा/किससे कार्य हुआ?' यदि साधन का बोध हो तो करण कारक है।
निम्नलिखित में से कौन सी संधि 'दीर्घ संधि' का उदाहरण है?
Understanding:
हमें यह पहचानना है कि कौन सा शब्द 'दीर्घ संधि' का उदाहरण है।
Step 1: दीर्घ संधि की परिभाषा
जब दो समान स्वर (अ+अ, आ+आ, इ+इ, ई+ई, उ+उ, ऊ+ऊ) मिलते हैं तो वे मिलकर दीर्घ स्वर बन जाते हैं — इसे दीर्घ संधि कहते हैं।
Step 2: विकल्पों का विश्लेषण
Step 3: निष्कर्ष
'विद्यालय' में 'विद्या (आ) + आलय (आ) = आ' होता है, जो दीर्घ संधि का उदाहरण है।
Answer:
'विद्यालय' दीर्घ संधि का उदाहरण है।
Quick Tip:
दीर्घ संधि में हमेशा दो समान स्वरों का मेल होता है — जैसे आ+आ=आ, इ+इ=ई, उ+उ=ऊ।
निम्नलिखित में से 'अनेकार्थी' शब्द 'कनक' का एक अर्थ 'सोना' है। इसका दूसरा प्रचलित अर्थ क्या है?
Understanding:
हमें 'कनक' शब्द का दूसरा प्रचलित अर्थ पहचानना है।
Step 1: अनेकार्थी शब्द 'कनक' का विश्लेषण
'कनक' एक अनेकार्थी शब्द है जिसके प्रमुख अर्थ हैं:
Step 2: विकल्पों का परीक्षण
Step 3: निष्कर्ष
हिंदी साहित्य में 'कनक' शब्द के दो प्रमुख अर्थ प्रयुक्त होते हैं — सोना और धतूरा। तुलसीदास ने लिखा है: 'कनक कनक ते सौ गुनी मादकता अधिकाय' — यहाँ एक 'कनक' = धतूरा और दूसरा 'कनक' = सोना है।
Answer:
'कनक' का दूसरा प्रचलित अर्थ 'धतूरा' है।
Quick Tip:
तुलसीदास की उक्ति 'कनक कनक ते सौ गुनी...' BPSC हिंदी परीक्षाओं में अनेकार्थी शब्दों का क्लासिक उदाहरण है।
निम्नलिखित में से कौन सा शब्द 'देशज' है?
Understanding:
हमें यह पहचानना है कि दिए गए विकल्पों में से कौन सा शब्द 'देशज' है।
Step 1: देशज शब्द की परिभाषा
देशज शब्द वे होते हैं जो न संस्कृत से आए हैं, न किसी विदेशी भाषा से — ये भारत की स्थानीय बोलियों और परंपराओं से उत्पन्न हुए हैं।
Step 2: विकल्पों का विश्लेषण
Step 3: निष्कर्ष
'लोटा' एक देशज शब्द है जो भारतीय परंपरा और स्थानीय बोलियों से उत्पन्न हुआ है।
Answer:
'लोटा' देशज शब्द है।
Quick Tip:
देशज शब्दों की उत्पत्ति का कोई स्पष्ट स्रोत नहीं होता — जैसे लोटा, खिड़की (खिड़की पुर्तगाली है — सावधान!), पगड़ी, ठेठ आदि।
निम्नलिखित में से कौन सा समास 'द्वंद्व समास' का उदाहरण है?
Understanding:
हमें यह पहचानना है कि कौन सा शब्द 'द्वंद्व समास' का उदाहरण है।
Step 1: द्वंद्व समास की परिभाषा
द्वंद्व समास में दोनों पद प्रधान होते हैं और उनके बीच 'और', 'अथवा', 'या' आदि योजकों का लोप होता है।
Step 2: विकल्पों का विश्लेषण
Step 3: निष्कर्ष
'सीता-राम' में दोनों पद (सीता और राम) बराबर महत्व के हैं, इसलिए यह द्वंद्व समास है।
Answer:
'सीता-राम' द्वंद्व समास का उदाहरण है।
Quick Tip:
द्वंद्व समास पहचानने के लिए दोनों पदों के बीच 'और/या' जोड़कर देखें — अगर वाक्य सार्थक बने तो द्वंद्व समास है।
निम्नलिखित में से कौन सा शब्द 'विलोम' की दृष्टि से सही युग्म नहीं है?
Understanding:
हमें वह विकल्प पहचानना है जिसमें दिए गए दो शब्द एक-दूसरे के विलोम नहीं हैं।
Step 1: प्रत्येक युग्म का विश्लेषण
Step 2: निष्कर्ष
'आदान – प्रदान' विलोम युग्म नहीं है — ये दोनों शब्द मिलकर एक समग्र अर्थ (लेन-देन) देते हैं, अतः ये युग्म विलोम की दृष्टि से सही नहीं है।
Answer:
'आदान – प्रदान' सही विलोम युग्म नहीं है।
Quick Tip:
बहुत से प्रचलित युग्म (जैसे आदान-प्रदान, सुख-दुख) विलोम जैसे लगते हैं परंतु वे परस्पर पूरक होते हैं, न कि विरोधी — परीक्षाओं में इन्हें ध्यान से परखें।
निम्नलिखित में से किस वाक्य में विराम-चिह्न का सही प्रयोग हुआ है?
Understanding:
हमें वह वाक्य पहचानना है जिसमें विराम-चिह्नों का सही प्रयोग हुआ हो।
Step 1: विराम-चिह्न के नियम
जब किसी के कथन को सीधे (उद्धरण सहित) उद्धृत किया जाए, तो:
Step 2: विकल्पों का विश्लेषण
Step 3: निष्कर्ष
'वह बोला: मैं नहीं जाऊँगा।' में अपूर्ण विराम और उद्धरण चिह्न का सही प्रयोग है।
Answer:
'वह बोला: मैं नहीं जाऊँगा।' में विराम-चिह्नों का सही प्रयोग हुआ है।
Quick Tip:
हिंदी में प्रत्यक्ष कथन के पहले अपूर्ण विराम (:) या अल्पविराम (,) और कथन को उद्धरण चिह्न में रखना मानक नियम है।
निम्नलिखित में से कौन सा शब्द 'तत्सम' है?
Understanding:
हमें पहचानना है कि दिए गए विकल्पों में से कौन सा शब्द 'तत्सम' है।
Step 1: तत्सम शब्दों की परिभाषा
तत्सम वे शब्द होते हैं जो सीधे संस्कृत से लिए गए हैं और हिंदी में बिना किसी परिवर्तन के प्रयुक्त होते हैं।
Step 2: विकल्पों का विश्लेषण
Answer:
'अग्नि' संस्कृत का मूल शब्द है, इसलिए यह तत्सम शब्द है।
Quick Tip:
तत्सम शब्द पहचानने का सरल तरीका यह है कि वे शब्द जो शुद्ध संस्कृत में भी उसी रूप में मिलते हैं, तत्सम होते हैं।
निम्नलिखित में से किस वाक्य में 'कर्मकारक' का सही प्रयोग हुआ है?
Understanding:
हमें पहचानना है कि किस वाक्य में कर्मकारक (Objective Case) का सही प्रयोग हुआ है।
Step 1: कर्मकारक की परिभाषा
कर्मकारक वह कारक है जिसमें क्रिया का फल जिस संज्ञा/सर्वनाम पर पड़ता है, उसे 'को' विभक्ति से जोड़ा जाता है। परसर्ग 'को' कर्मकारक का चिह्न है।
Step 2: विकल्पों का विश्लेषण
Answer:
'सीता ने पुस्तक को पढ़ा' वाक्य में कर्मकारक का सही प्रयोग हुआ है।
Quick Tip:
कर्मकारक का परसर्ग 'को' होता है और क्रिया का फल कर्म पर पड़ता है।
निम्नलिखित में से कौन सा शब्द 'अनेकार्थी' नहीं है?
Understanding:
हमें पहचानना है कि दिए गए शब्दों में से कौन सा शब्द अनेकार्थी नहीं है।
Step 1: अनेकार्थी शब्दों की परिभाषा
अनेकार्थी शब्द वे होते हैं जिनके एक से अधिक अर्थ होते हैं।
Step 2: विकल्पों का विश्लेषण
Answer:
'पुस्तक' केवल एक ही अर्थ में प्रयुक्त होता है, इसलिए यह अनेकार्थी नहीं है।
Quick Tip:
परीक्षा में अनेकार्थी शब्दों की सूची याद रखें — कनक, पत्र, हरि, अर्क, अम्बर आदि प्रमुख हैं।
निम्नलिखित में से कौन सा वाक्य शुद्ध है?
Understanding:
हमें पहचानना है कि कौन सा वाक्य व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध है।
Step 1: वाक्य शुद्धि के नियम
हिंदी में 'प्यास' स्त्रीलिंग संज्ञा है। अतः क्रिया का लिंग 'प्यास' के अनुसार स्त्रीलिंग होना चाहिए।
Step 2: विकल्पों का विश्लेषण
Answer:
'मुझे प्यास लग रही है' व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध वाक्य है।
Quick Tip:
हिंदी में क्रिया का लिंग और वचन कर्म (प्यास, भूख आदि) के लिंग-वचन के अनुसार होता है जब कर्ता में 'ने' न हो।
निम्नलिखित में से कौन सा शब्द 'पर्यायवाची' की दृष्टि से 'नयन' का सही पर्याय है?
Understanding:
हमें पहचानना है कि 'नयन' का सही पर्यायवाची शब्द कौन सा है।
Step 1: 'नयन' का अर्थ
'नयन' का अर्थ है — आँख (Eye)।
Step 2: विकल्पों का विश्लेषण
Answer:
'नयन' का सही पर्यायवाची शब्द 'लोचन' है।
Quick Tip:
आँख के प्रमुख पर्यायवाची: नयन, नेत्र, लोचन, दृग, चक्षु, अक्षि — इन्हें याद रखें।
'यथाशक्ति' में कौन सा समास है?
Understanding:
हमें पहचानना है कि 'यथाशक्ति' में कौन सा समास है।
Step 1: 'यथाशक्ति' का विग्रह
'यथाशक्ति' = शक्ति के अनुसार।
Step 2: अव्ययीभाव समास की पहचान
अव्ययीभाव समास में पहला पद अव्यय (जैसे: यथा, आ, प्रति, भर, हर, बे आदि) होता है और समस्त पद भी अव्यय बन जाता है। 'यथा' एक अव्यय उपसर्ग है।
Step 3: अन्य विकल्पों की जाँच
इनमें से कोई भी 'यथाशक्ति' पर लागू नहीं होता।
Answer:
'यथाशक्ति' में अव्ययीभाव समास है क्योंकि पहला पद 'यथा' अव्यय है।
Quick Tip:
'यथा', 'प्रति', 'आ', 'भर', 'हर' से शुरू होने वाले समस्त पद प्रायः अव्ययीभाव समास होते हैं।
निम्नलिखित में से कौन सा शब्द 'उपसर्ग' रहित है?
Understanding:
हमें पहचानना है कि कौन सा शब्द उपसर्ग रहित है अर्थात जिसमें कोई उपसर्ग न लगा हो।
Step 1: उपसर्ग की पहचान
उपसर्ग वे शब्दांश होते हैं जो शब्द के आरंभ में लगकर अर्थ बदलते हैं।
Step 2: विकल्पों का विश्लेषण
Answer:
'पुस्तकालय' में कोई उपसर्ग नहीं है; यह 'पुस्तक' और 'आलय' के संयोग से बना है।
Quick Tip:
उपसर्ग पहचानने के लिए देखें — अ, अन, अनु, वि, प्र, सु, नि, दुर् आदि शब्द के प्रारंभ में लगे हों।
निम्नलिखित में से कौन सा मुहावरा 'बहुत कठिन काम करना' अर्थ को व्यक्त करता है?
Understanding:
हमें पहचानना है कि 'बहुत कठिन काम करना' अर्थ के लिए कौन सा मुहावरा उपयुक्त है।
Step 1: मुहावरों के अर्थ
Step 2: सही मिलान
'खून-पसीना एक करना' का अर्थ है बहुत कठिन परिश्रम करना, जो प्रश्न में दिए गए अर्थ से मेल खाता है।
Answer:
'खून-पसीना एक करना' मुहावरे का अर्थ है बहुत कठिन काम करना।
Quick Tip:
मुहावरों को उनके शाब्दिक अर्थ से नहीं, बल्कि लाक्षणिक अर्थ से पहचानें।
निम्नलिखित में से किस शब्द की वर्तनी शुद्ध है?
Understanding:
हमें पहचानना है कि कौन से शब्द की वर्तनी (Spelling) शुद्ध है।
Step 1: शुद्ध वर्तनी की पहचान
'परीक्षा' संस्कृत का तत्सम शब्द है जो 'परि + ईक्षा' से मिलकर बना है। इसमें 'री' (दीर्घ ई) का प्रयोग होता है।
Step 2: विकल्पों की जाँच
Answer:
'परीक्षा' शुद्ध वर्तनी है।
Quick Tip:
तत्सम शब्दों की वर्तनी संस्कृत के मूल रूप पर आधारित होती है; परीक्षा, समीक्षा, प्रतीक्षा में 'ई' (दीर्घ) आता है।